नई दिल्ली। संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर लेकिन सतर्क राह पर आगे बढ़ता हुआ बताया गया है। सरकार का आकलन है कि आने वाले वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी रहेगी और विकास दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत के दायरे में रह सकती है।
हालांकि, सर्वेक्षण में यह भी संकेत दिया गया है कि वैश्विक परिस्थितियों और घरेलू कारकों के कारण महंगाई पर हल्का दबाव देखने को मिल सकता है। खास तौर पर रुपये की कमजोरी और कीमती धातुओं के दामों में तेजी से लागत बढ़ने की आशंका जताई गई है।
सर्वे के अनुसार, रुपये में गिरावट का असर आयात पर पड़ेगा, जिससे विदेशी सामान महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा सोना, चांदी और तांबे जैसी धातुओं की ऊंची कीमतें उद्योगों की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे कोर महंगाई पर असर पड़ने की संभावना है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ मोर्चों पर राहत के संकेत भी मिले हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य प्रमुख वस्तुओं की कीमतों में नरमी आई है। साथ ही, बेहतर कृषि उत्पादन के चलते खाद्य वस्तुओं की कीमतें नियंत्रण में रहने की उम्मीद जताई गई है, जिससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ सीमित रह सकता है।
आर्थिक सर्वे में हाल में हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेज होने की संभावना है। यूरोप से आयात होने वाले वाहनों पर शुल्क में भारी कटौती से विदेशी कारें सस्ती हो सकती हैं, जिससे घरेलू वाहन कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
इसके अलावा, इस व्यापार समझौते का असर शराब और वाइन उद्योग पर भी पड़ सकता है। यूरोपीय देशों से आने वाली वाइन सस्ती होने से भारतीय वाइन निर्माताओं पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।
महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में और कटौती की संभावना भी जताई गई है। माना जा रहा है कि आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कमी की जा सकती है, जिससे कर्ज लेने वालों को राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर आर्थिक सर्वेक्षण का निष्कर्ष यही है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और देश तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाए रखेगा, लेकिन नीति निर्धारकों को हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा।

